Bhim Army

भीम आर्मी ने चंद्रशेखर सहित उसके परिवार को किया बाहर

सहारनपुर हिंसा के बाद चर्चा में आई भीम आर्मी भारत एकता मिशन की राष्ट्रीय कार्यकारिणी को भंग कर दिया गया है. नई कार्यकारिणी का गठन किया जा रहा है जिसमें चंद्रशेखर उर्फ रावण के परिवार के किसी सदस्य का किसी भी कार्य एवं पद पर कोई हस्तक्षेप नहीं रहेगा.
भीम आर्मी सहारनपुर हिंसा के बाद से चर्चा में है. उसके संस्थापक चंद्रशेखर इस वक्त हिंसा फैलाने के आरोप में जेल में हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भीम आर्मी के उत्तराखंड के प्रदेश प्रभारी महक सिंह ने यह घोषणा की है.
बताया जा रहा है कि चंद्रशेखर उर्फ रावण के कहने पर ही महक सिंह ने एक प्रेस नोट जारी कर यह जानकारी दी है. प्रेस नोट में कहा गया है कि उत्तराखंड, राजस्थान और बिहार को छोड़ कर पूरे देश में भीम आर्मी की कार्यकारिणी को भंग कर दिया गया है.
चन्द्रशेखर की रिहाई की मांग करने सड़कों पर आई थी पार्टी
चंद्रशेखर ने 21 मई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर किए प्रदर्शन के बाद जेल जाते हुए रवि कुमार गौतम और अपने भाई को संगठन की देख-रेख का जिम्मा सौंपा था, साथ ही विनय रतन को राष्ट्रीय अध्यक्ष का दायित्व दिया था.
चंद्रशेखर की गिरफ्तारी के बाद लोगों को खुद के साथ जुड़ने की अपील करने भीम आर्मी के नाम के काफी लोग सामने आए. भीम आर्मी के बैनर तले रविवार को बड़ी संख्या में दलित युवक सड़कों पर उतर आए. वे अपने संगठन प्रमुख चंद्रशेखर को रिहा करने की मांग कर रहे थे. लेकिन अब मामला ही पलट गया है.
मीडिया में आई खबरों के अनुसार भीम आर्मी को संभाल रहे रवि कुमार गौतम का कहना है कि परिवारवाद सभी दलों में बढ़ रहा हैं. हमारा संगठन गैर-राजनीतिक है. हम संगठन में ऐसा नहीं चाहते. गौतम का दावा है कि संगठन के संस्थापक चंद्रशेखर की सहमति से उनके परिवार के सदस्यों को अलग किया गया है.
रवि ने कहा कि इसी के साथ संगठन की ईकाई भंग करने की एक वजह यह भी थी कि कुछ लोग खुद को संगठन से जुड़ा बताकर फायदा उठाने की कोशिश मे जुटे थे. अब नए सिरे से निष्ठावान लोगों को राष्ट्रीय इकाई में शामिल किया जाएगा. फिलहाल बिहार, उत्तराखंड और राजस्थान की ईकाई पहले जैसा ही काम करती रहेगी.
Via FirstPost

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