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भारतीय सेना के तेवर से डरा चीन : लगाई बातचीत की गुहार, NCO की मीटिंग में भारत से की बात



भारत और चीन सीमा विवाद दिन पर दिन बढ़ता ही जा रहा है लेकिन इसके बावजूद भी भारत ने चीन में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की बैठक में हिस्सा लिया। भारत ने आतंकवाद निरोध और सदस्य देशों के बीच सीमा नियंत्रण तंत्र को प्रोत्साहन देने के लिए इस बैठक में हिस्सा लिया। बता दें कि भारत और पाकिस्तान के एससीओ का पूर्ण सदस्य बनने के बाद यह पहली बैठक है।
भारतीय दूतावास के अधिकारियों ने एससीओ की डलियान बैठक में हिस्सा लिया। इस बैठक में भारत, रूस समेत चीन एससीओ के सात सदस्यों ने संगठन के सीमा नियंत्रण विभागों के प्रमुखों ने हिस्सा लिया। इसके साथ ही इस बैठक में चीन, रूस, कजाकिस्तान, किगर्स्तिान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान शामिल हुए। बैठक के दौरान इन सभी सदस्यों ने आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद से लड़ने में कैसे सहयोग किया जाए इस पर चर्चा की।
इसके अलावा सीमा पार अपराध को रोकने और सीमा सुरक्षा सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। यहां चीन स्थित भारतीय दूतावास के अधिकारियों ने भारत का प्रतिनिधित्व किया। चीन ने कहा कि सभी सदस्य देशों के बीच सीमा सहयोग महत्वपूर्ण है। चीन अन्य देशों के सीमा नियंत्रण विभागों के साथ सहयोग को महत्व देता है और उसने एससीओ सदस्यों समेत 11 पड़ोसी देशों के साथ सहयोग तंत्र का पहले ही निर्माण किया है।

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