कांग्रेस के बड़बोले पन की पोल खुल गयी हैं। कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह, राजीव शुक्ला, रणदीप सुरजेवाला और एनसीपी प्रमुख शरद पवार के किये गए झूठे दावों की पोल एक RTI के जवाब ने सबके सामने खोल के रख दी हैं. दरअसल जब बीते साल मोदी सरकार के राज में भारतीय जवानो द्वारा पाकिस्तान में सर्जिकल स्ट्राइक की गयी थी, अपनी इस वीरता और पाकिस्तान को दिए गए मुँहतोड़ जवाब के लिए मोदी सरकार और भारतीय जवानो ने ना सिर्फ पूरे देशभर में वाहवाही लूटी थी बल्कि अमेरिका , रूस , इजरायल जैसे देशों की नजर में अपनी धाक भी जमा ली थी क्योंकि माना जाता था कि ऐसा करने का माद्दा केवल उनकी स्पेशल फोर्सेस में था ..
1. भारतीय सेना ने सितंबर, 2016 से पहले कितनी बार सर्जिकल स्ट्राइक की थी और उनमें से कितनी सफल रही थीं?
2. सितंबर, 2016 के बाद ऐसी कितनी सर्जिकल स्ट्राइक की गई और उनमें से कितनी स्ट्राइक सफल रही थीं ?
3. इन सर्जिकल स्ट्राइक में हमारे कितने जवान बलिदान हुए ?
इन सभी सवालो के जवाब में रक्षा मंत्रालय ने बताया की सितमबर 2016 में एक सर्जिकल स्ट्राइक हुई थी. दूसरे सवाल के जवाब में कहा कि उससे पहले कोई सर्जिकल स्ट्राइक होने का उनके पास कोई आधिकारिक रिकॉर्ड नहीं है. और इसमें कोई जवान बलिदान नहीं हुआ … पाकिस्तान के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक जैसा ऐतिहासिक कदम उठाना कांग्रेस के ज़हन में कभी नहीं आया लेकिन वर्तमान सरकार को को नीचा कैसे दिखाया जाये इसके लिए वो दिन रात मौका ढूंढ़ना नहीं भूलती।अपनी सत्त्ता देश में वापिस लाने की भूख में कभी राहुल गांधी जबरदस्ती सहारनपुर जाते हैं. फिर चाहे इससे दंगा भड़के और दंगे में मासूम लोगो की जाने जाये, उससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। अमरनाथ यात्रा में शिवभक्तों की परवाह से ज्यादा दिगविजय सिंह को ये बात सता रही हैं कि किस तरह से वो मोदी सरकार को ज़लील करे। इन सभी सवालों के जवाब अचानक ही एक RTI में सबके आगे आ चुके हैं .
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