चीन में अमरीकी जासूसी कार्यक्रम बुरी तरह प्रभावित हुआ. अमरीकी अधिकारियों ने अख़बार को बताया है कि ये 'अमरीकी सुरक्षा के साथ बीते दशकों में सबसे बड़ा खिलवाड़' था.
कुछ का मानना है कि चीन ने सीआईए के गुप्त संदेशों के सिस्टम को हैक कर लिया था जबकि अन्य का मानना है कि किसी अंदरूनी व्यक्ति ने ही 2010 में चीन को जासूसों के बारे में जानकारी दी.
द न्यूयॉर्क टाइम्स ने सीआईए के चार पूर्व अधिकारियों से बातचीत करके ये रिपोर्ट प्रकाशित की है. चीन में अमरीकी ख़ुफ़िया सेवा सीआईए के जासूस 2011 से ग़ायब होने शुरू हो गए थे. अमरीका के एक जासूस को तो उसके सहकर्मी के सामने ही सरकारी इमारत के बरामदे में गोली मार दी गई थी.
सीआईए ने अभी तक इस रिपोर्ट पर कोई टिप्पणी नहीं की है.
इस ख़बर पर काम करने वाले न्यूयॉर्क टाइम्स के पत्रकार मैट अपुज़्ज़ो ने बीबीसी को बताया, "सबसे चिंता की बात ये है कि हम अभी तक ये नहीं जानते कि इन एजेंटों के साथ क्या हुआ?"
वे आगे कहते हैं, "अमरीकी सरकार के अंदर इस बात पर अलग अलग राय है कि क्या सीआईए के अंदर कोई जासूसी कर रहा था या फिर सीआईए एजेंट ढीले पड़ गए थे."
वो ये भी कहते हैं कि जानकारी देने वालों की पहचान गुप्त नहीं रही या फिर चीन सीआईए एजेंटों के कम्यूनिकेशन को हैक करने में कामयाब रहा.

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