अपने पहले विदेशी दौरे पर सऊदी अरब पहुंचे अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप का कहना है कि सऊदी अरब और अमरीका के बीच 350 अरब डॉलर के क़रार हुए हैं.
दोनों देशों के बीच 110 अरब डॉलर का हथियार सौदा भी हुआ है जो व्हाइट हाउस के मुताबिक अमरीका का अब तक का सबसे बड़ा हथियार सौदा है.
अमरीकी विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन का कहना है कि सऊदी अरब के साथ हुआ हथियार समझौता 'ईरान के दुष्प्रभाव' का जवाब देने के लिए है.
रियाद में एक प्रेस वार्ता में टिलरसन ने कहा, "रक्षा प्रणाली और सेवाओं का ये पैकेज सऊदी अरब और समूचे खाड़ी क्षेत्र की दीर्घकालिक सुरक्षा को मज़बूत करेगा."
ट्रंप के साथ उनकी बेटी इवांका और दामाद जेरेड कुशनर भी आए हैं. इवांका बिना वेतन के व्हाइट हाउस में सलाहकार हैं जबकि कुशनर ट्रंप प्रशासन के अहम सदस्य हैं.
ब्रितानी प्रधानमंत्री टेरीज़ा मे और जर्मन चांसलर अंगेला मेर्कल की तरह ही इवांका ट्रंप भी बिना सिर ढके सऊदी अरब पहुंची हैं. हालांकि जनवरी 2015 में जब मिशेल ओबामा बिना सिर ढके सऊदी अरब आईं थीं तब ट्रंप ने ऐसा करने के लिए उनकी आलोचना की थी.
ट्रंप अरब इस्लामी अमरीकी शिखर सम्मेलन में हिस्सा भी लेंगे और इस्लाम के बारे में अपने विचार रखेंगे. समझा जा रहा है कि वो "इस्लाम के शांतिपूर्ण दर्शन" पर बोलेंगे.
ट्रंप के सहयोगियों को उम्मीद है कि उनके भाषण का असर दुनियाभर में होगा और वो 'शांति, प्रगति और स्मृद्धि के साझा दृष्टिकोण' को दुनिया के सामने रख पाएंगे.
दोनों देशों के बीच 110 अरब डॉलर का हथियार सौदा भी हुआ है जो व्हाइट हाउस के मुताबिक अमरीका का अब तक का सबसे बड़ा हथियार सौदा है.
अमरीकी विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन का कहना है कि सऊदी अरब के साथ हुआ हथियार समझौता 'ईरान के दुष्प्रभाव' का जवाब देने के लिए है.
रियाद में एक प्रेस वार्ता में टिलरसन ने कहा, "रक्षा प्रणाली और सेवाओं का ये पैकेज सऊदी अरब और समूचे खाड़ी क्षेत्र की दीर्घकालिक सुरक्षा को मज़बूत करेगा."
ट्रंप के साथ उनकी बेटी इवांका और दामाद जेरेड कुशनर भी आए हैं. इवांका बिना वेतन के व्हाइट हाउस में सलाहकार हैं जबकि कुशनर ट्रंप प्रशासन के अहम सदस्य हैं.
ब्रितानी प्रधानमंत्री टेरीज़ा मे और जर्मन चांसलर अंगेला मेर्कल की तरह ही इवांका ट्रंप भी बिना सिर ढके सऊदी अरब पहुंची हैं. हालांकि जनवरी 2015 में जब मिशेल ओबामा बिना सिर ढके सऊदी अरब आईं थीं तब ट्रंप ने ऐसा करने के लिए उनकी आलोचना की थी.
ट्रंप अरब इस्लामी अमरीकी शिखर सम्मेलन में हिस्सा भी लेंगे और इस्लाम के बारे में अपने विचार रखेंगे. समझा जा रहा है कि वो "इस्लाम के शांतिपूर्ण दर्शन" पर बोलेंगे.
ट्रंप के सहयोगियों को उम्मीद है कि उनके भाषण का असर दुनियाभर में होगा और वो 'शांति, प्रगति और स्मृद्धि के साझा दृष्टिकोण' को दुनिया के सामने रख पाएंगे.

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