वैसे तो आमतौर पर योग गुरु बाबा रामदेव केंद्र सरकार और पीएम मोदी के गुणगान करते रहते हैं। वह कहीं भी जाते हैं तो मोदी सरकार की तारीफ करना नहीं भूलते हैं। लेकिन अब ऐसा कुछ हुआ है जिससे रामदेव मोदी सरकार की आलोचना कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से सवाल किया है कि, क्या यही हैं अच्छे दिन ? दरअसल, केंद्र सरकार के आयुर्वेदिक उत्पादों पर अधिक वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लगाने वाले फैसले को लेकर योग गुरु बाबा रामदेव ने नाराज़गी जताई है। जीएसटी में आयुर्वेदिक उत्पादों पर भारी टैक्स का प्रावधान किया गया है। इसके बाद पतंजलि की ओर से कहा गया है कि यदि लोगों को अच्छा स्वास्थ्य देने वाली चीजें महंगी होंगी तो अच्छे दिन कैसे आएंगे। (एएमएएम) ने भी इस संबंध में कहा है कि एक तरफ तो सरकार दुनिया भर में तेजी से आयुर्वेद को बढ़ावा दे रही है। जीएसटी के तहत अधिक कर लगाने से यह प्राकृतिक दवाएं न केवल महंगी होंगी, बल्कि आम आदमी की पहुंच के बाहर हो जाएंगी। एएमएएम ने इस बाबत आगे बताया कि सामान्य श्रेणी में आने वाली आयुर्वेदिक दवाइयों के लिए जीएसटी दर कुछ भी नहीं होनी चाहिए।
अब तक आयुर्वेदिक दवाओं और अन्य उत्पादों पर वैट समेत 7 फीसदी टैक्स था, लेकिन जीएसटी में 12 फीसदी टैक्स रखा गया है। सरकार के इस फैसले के बाद पतंजलि के प्रवक्ता एसके तिजरावाला ने कहा, आयुर्वेदिक चीजों पर ज्यादा जीएसटी लगाने का फैसला आश्चर्यजनक है। इन सबके बिना किसी के अच्छे दिन कैसे आ सकते हैं।
Via UjjawalPrabhat
अब तक आयुर्वेदिक दवाओं और अन्य उत्पादों पर वैट समेत 7 फीसदी टैक्स था, लेकिन जीएसटी में 12 फीसदी टैक्स रखा गया है। सरकार के इस फैसले के बाद पतंजलि के प्रवक्ता एसके तिजरावाला ने कहा, आयुर्वेदिक चीजों पर ज्यादा जीएसटी लगाने का फैसला आश्चर्यजनक है। इन सबके बिना किसी के अच्छे दिन कैसे आ सकते हैं।
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