Foreign Tour

पीएम मोदी के विदेश दौरे : आप भी जानिए देश के लिए क्या फायदे ले कर आयें हैं पीएम मोदी

चार देशों की यात्रा पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चार देशों- फ़्रांस, जर्मनी, स्पेन और रूस की यात्रा पूरी कर ली है। देखा जाये तो पीएम मोदी के इस विदेश दौरा से हर मायने में  इन चार देशों के साथ भारत के संबंध और मजबूत हुए हैं। ध्यान रहे कि इन्ही चार देशों ने ग्लोबल आतंकवाद पर भारतीय पक्ष का समर्थन किया है और उसके खिलाफ मिलकर लड़ने का संकल्प भी लिया है। पीएम मोदी ने अपनी इस यात्रा की शुरुआत की जर्मनी से| जर्मनी गए पीएम ने आतंकवाद और जलवायु के मुद्दे पर चर्चा की और मेक इन इंडिया के लिए जर्मन कंपनियों को न्योता भी दिया। हम यहाँ आपको बता दें कि इसी दौरे के दौरान भारत और जर्मनी में आठ करार हुए जिनमें रेलवे के आधुनिकीकरण, स्टार्टअप और स्मार्ट सिटी के लिए जर्मन कंपनियां सहयोग करेंगी, गंगा सफाई में भी जर्मनी पहले से ही सहयोग कर रहा है, मेक इन इंडिया में भागीदार बनने, लोकतांत्रिक मूल्यों की मिल कर रक्षा करने और आतंकवाद के खिलाफ मिल कर लड़ने की बात शामिल हैं। वहीँ दौरे के दूसरे पड़ाव में स्पेन पहुंचे पीएम मोदी ने स्पेन के साथ  सात करार किए। इनमें साइबर सुरक्षा, विमानन में तकनीकी सहयोग, दोषी अपराधियों का प्रत्यर्पण, डिप्लोमैट पासपोर्ट रखने वालों को वीजा में छूट, अंग प्रत्यारोपण में एक-दूसरे को सहयोग, रिन्यूएबल एनर्जी में मदद और भारतीय विदेश सेवा संस्थान व डिप्लोमैटिक एकेडमी ऑफ स्पेन के बीच आपसी सहयोग शामिल हैं। याद दिला दें कि 1988 के बाद स्पेन यात्रा पर जाने वाले मोदी पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं। तीसरे पड़ाव में रूस पहुंचे पीएम को रूसी एस-400 मिसाइल डिफेंस प्रणाली हासिल करने में सफलता मिली। इस मिसाइल सिस्टम से एक साथ परमाणु हथियार से लैस 36 बैलिस्टिक मिसाइलों को ध्वस्त किया जा सकेगा। भारत ने रूस के साथ पांच समझौते भी किए। इनमें तमिलनाडु के कुडनकुलम न्यूक्लियर प्लांट की दो नई यूनिट 5 और 6 लगाने में मदद के साथ-साथ व्यापार, तकनीक, क्षेत्रीय सहयोग और रक्षा क्षेत्र में सहयोग शामिल हैं। दोनों देशों की तीनों सेनाएं मिलकर इस साल इंद्र नाम से संयुक्त सैन्य अभ्यास करेंगी। इस यात्रा की बड़ी बात यह है कि भारत और रूस की गहरी दोस्ती फिर से ताजा हुई है। भारत की अमेरिका से नजदीकी बढ़ने के चलते कुछ समय से रूस से दशकों पुराने रिश्तों पर बर्फ जमने लगी थी। रूस, चीन व पाकिस्तान की तिकड़ी बनने लगी थी। एक साल पहले रूस और पाक ने सैन्य अभ्यास किया था। इससे भारत का चिंतित होना लाज़मी है, क्योंकि पाक व चीन दोनों से भारत के तनावपूर्ण रिश्ते हैं।

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