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विडियो : जब भीम आर्मी प्रमुख की माँ ने पत्रकार को कहा - ऐसा थप्पड़ मारूंगी कि तुम्हारा बाप भी याद रखेगा !

अभी तक आपने भीम आर्मी सेना के संस्थापक चंद्रशेखर की वीडियो देखी होंगी और चंद्रशेखर के बारे में सुना होगा, आज हम आपको चंद्रशेखर की मां कमलेश देवी की यह वीडियो दिखा रहे हैं। यह वीडियो उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले की है चंद्रशेखर के छोटे भाई ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस लाइट और इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद जब पत्रकारों ने चंद्रशेखर उर्फ रावण की मां कमलेश देवी से बात करने की कोशिश की तो उन्होंने कुछ इस अंदाज में अपना तर्क रखा! जब एक पत्रकार ने चंद्रशेखर उर्फ रावण की मां से कुछ पूछना चाहा तो बड़े बेबाक तरीके से चंद्रशेखर की मां ने कहा कि रह पट ऐसा मारूंगी कि तुम्हारा बाप भी याद रखेगा। चंद्रशेखर की मां ने कहा कि मैं तुमसे बड़ी हूं और चंद्रशेखर की मां हूं जो खून मुझ में है वही चंद्रशेखर में है और दिमाग भी वही होगा। इतना कुछ हो जाने के बाद भी पत्रकारों ने एक बार फिर से चंद्रशेखर की मां की और माइक किया और यह पूछने की कोशिश की कि क्या हो गया है तो इस पर चंद्रशेखर की मां ने मीडिया कर्मियों से मुंह मोड़ लिया और दो टूक कहा कि उसे मीडिया से कोई बात ही नहीं करनी!
भारत में जातिवाद के आड़ में राजनितिक पार्टिया और नेता अपनी फायदे के लिए वर्षो से फुट डालो और शाशन करो के निति पर चल रहे है! कभी आरक्षण के नाम पर हिन्दू समाज को बाटने का काम करते है तो काफी भेद-भाव के नाम पर! दलितों को सवर्णो के खिलाफ भड़काते रहते है ताकि उन्हें इसका लाभ मिलता रहे! दरअसल गुरुवार को सहारनपुर के दिल्ली रोड पर चंद्रशेखर उर्फ रावण के भाई ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई थी और इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में चंद्रशेखर के भाई ने यह कहा था कि उसका भाई यानि चंद्रशेखर निर्दोष है। इस प्रेस कांफ्रेंस के बाद सहारनपुर पुलिस पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई थी। इस घटना के बाद मीडिया कर्मी चंद्रशेखर की मां से यह पूछने की कोशिश कर रहे थे कि आखिर उनके बेटे को कहां ले जाया गया है।जिस तरह से प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद उनके बेटे को कुछ लोग अपने साथ पूछताछ के बहाने ले गए हैं, तो इस पर चंद्रशेखर की मां क्या कहती हैं, इसी बात को लेकर पत्रकारों ने उनकी और माइक किया ही था कि चंद्रशेखर की मां ने दो टूक में कहा कि ऐसा रपट मारुंगी कि तुम्हारा बाप भी याद रखेगा।
जाहिर हो सहारनपुर से 25 किलोमीटर दूर शिमलाना गांव में 5 मई को महाराणा प्रताप जयंती का आयोजन था, जिसमें शामिल होने के लिए पास के शब्बीरपुर गांव से कुछ लोग शोभा यात्रा निकाल रहे थे! विवाद की शुरुआत इसी घटना से हुई! इसके बाद भड़की हिंसा में ठाकुर और दलितों के संघर्ष जारी है, तब से इलाके में तनाव बरक़रार है!
Via Logical Bharat

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