पांच साल उत्तराखंड कांग्रेस सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे प्रीतम पंवार ने राष्ट्रपति चुनाव में एनडीए के प्रत्याशी रामनाथ कोविंद का समर्थन करने का फैसला किया है। पंवार के इस कदम से कांग्रेस को झटका लगा है।
कोविंद विधायकों का समर्थन लेने उत्तराखंड पहुंचे, जब मुख्यमंत्री आवास में दिन भर बैठकों के दौर चले। बैठकों के बाद खबर आई कि विधानसभा के दोनों निर्दलीय विधायक कोविंद के पक्ष में मतदान करेंगे। निर्दलीय विधायकों में एक नाम प्रीतम पंवार का भी है।
माना जा रहा है कि कांग्रेस उन्हें अपने पक्ष में होने का मुगालता पाले बैठी थी। पंवार ने कोविंद का समर्थन में कहा कि उन्हें भाजपा ने पहले संपर्क किया। यानी कांग्रेस की ओर से पहले संपर्क किया जाता तो शायद पंवार यूपीए की उम्मीदवार मीरा कुमार के पक्ष में खड़े होते।
संयोग से कोविंद का समर्थन करने वाले दूसरे निर्दलीय विधायक राम सिंह कैड़ा भी कांग्रेस पृष्ठभूमि के हैं। चुनाव में टिकट काटे जाने के बाद कैड़ा निर्दलीय चुनाव जीते। वह कांग्रेस से इस कदर खिन्न है कि उन्होंने भाजपा का समर्थन करने का खुला एलान किया। अब उन्होंने कोविंद के पक्ष में मतदान करने का एलान किया है।
सियासी जानकार इसे कांग्रेस की रणनीतिक हार करार दे रहे हैं। उनकी मानें तो भीषण संकट में होने के बावजूद कांग्रेस गुटबाजी से नहीं उबर पा रही है और ताजा प्रकरण से जाहिर हो गया है कि उसके नेता अब तक संगठित रणनीति पर फोकस नहीं कर पा रहे हैं।
नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा हृदयेश ने कहा कि प्रीतम पंवार हमारी कैबिनेट में मंत्री रहे। उन्हें कई महत्वपूर्ण विभाग दिए गए। उनका पूरा सम्मान किया गया। अब ये उनकी इच्छा पर निर्भर करता है कि वह किसके साथ खड़े होते हैं और किसका समर्थन करते हैं।

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