राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का कार्यकाल 24 जुलाई को पूरा हो रहा है। प्रणब मुखर्जी ने अपना पद छोड़ने से पहले दो और दया याचिकाओं को खारिज कर दिया है। मुखर्जी ने बलात्कार और हत्या से जुड़ी इन दोनों दया याचिकाओं को खारिज किया है। इनमें पहली दया याचिका तो मध्य प्रदेश के इंदौर और दूसरी पुणे की है। पहली दया याचिका में 2012 में इंदौर में एक चार वर्षीय बच्ची का रेप कर उसकी हत्या कर दी गई थी। इस केस में तीन लोगों को दोषी पाया गया था। दूसरी दया याचिका में पुणे के केस में कैब ड्राइवर व अपने साथी के साथ मिलकर युवती का रेप और हत्या के मामले में दोषी पाया गया है। इस मामलें में पुरुषोत्तम दशरथ बोराटे व प्रदीप यशवंत कोकाडे को कोर्ट ने फांसी की सजा दी है। साल 2007 में विप्रो की महिला कर्मी रात में शिफ्ट खत्म होने के बाद ऑफिस की कैब में सवार हुई थी, पर चालक ने बीच में रास्ता बदलकर उसके साथ दुष्कर्म कर हत्या कर दी थी। जानकारी के मुताबिक, इस तरह मुखर्जी द्वारा क्षमा याचिकाओं की ठुकराये जाने की संख्या 30 हो गयी है।
Via SudarshanNews
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