साढ़े तीन हजार से अधिक भ्रष्ट बाबुओं पर केंद्रीय सतर्कता आयोग ने जांच का शिकंजा कस दिया है। ये सभी क्लास वन अधिकारी हैं और केंद्र व राज्य सरकारों के अलग-अलग विभागों और सार्वजनिक उपक्रमों में काम कर रहे हैं। कार्मिक मामलों के राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने बृहस्पतिवार को ऑनलाइन निगरानी सिस्टम का उद्घाटन करते हुए कहा कि इससे आरोपी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ ऐसे मामलों की सुनवाई में तेजी आएगी।
जितेंद्र सिंह ने कहा ऑनलाइन निगरानी से अनुशासनात्मक कार्यवाही की पूरी व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी और इससे होने वाली देरी में कटौती होगी। उन्होंने सुशासन के लिए नौकरशाहों को एक अच्छा औजार बताया।
मंत्री ने कहा कि यह सरकार अफसरों का ध्यान रखती है और इसलिए ईमानदार अफसरों और कर्मचारियों को डरने की जरूरत नहीं है। सीवीसी की सचिव नीलम साहनी ने कहा कि 3500 से ज्यादा समूह ए के अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्यवाही चल रही है। इनके खिलाफ ये मामले कई स्तरों पर चल रहे हैं।
साहनी ने बताया कि सीवीसी भ्रष्टाचार को समाप्त करने के लिए रोकथाम और दंडात्मक दोनों तरह के कदम उठा रहा है। भ्रष्टाचार के खिलाफ सीवीसी के ताजा सर्वे के मुताबिक इन बाबुओं के खिलाफ जांच पूरा करने में सरकारी विभागों को करीब तीन साल लगेंगे।
Via AmarUjala
जितेंद्र सिंह ने कहा ऑनलाइन निगरानी से अनुशासनात्मक कार्यवाही की पूरी व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी और इससे होने वाली देरी में कटौती होगी। उन्होंने सुशासन के लिए नौकरशाहों को एक अच्छा औजार बताया।
मंत्री ने कहा कि यह सरकार अफसरों का ध्यान रखती है और इसलिए ईमानदार अफसरों और कर्मचारियों को डरने की जरूरत नहीं है। सीवीसी की सचिव नीलम साहनी ने कहा कि 3500 से ज्यादा समूह ए के अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्यवाही चल रही है। इनके खिलाफ ये मामले कई स्तरों पर चल रहे हैं।
साहनी ने बताया कि सीवीसी भ्रष्टाचार को समाप्त करने के लिए रोकथाम और दंडात्मक दोनों तरह के कदम उठा रहा है। भ्रष्टाचार के खिलाफ सीवीसी के ताजा सर्वे के मुताबिक इन बाबुओं के खिलाफ जांच पूरा करने में सरकारी विभागों को करीब तीन साल लगेंगे।
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